Monday, November 28, 2016

ठंडी से बचने के कुछ नुस्खे और घरेलु उपचार कैसे करे !

ठंड से बचने का नुस्खे :

         ठंड से बचने के लिए लोग गरम कपडे पहनते है और आलाप ( आग ) जलाते है | ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ साथ अंदर से भी गरम रहना जरुरी है | अगर हमारा शरीर मौसम के अनुसार खुद को अंदर से ढाल ले तो हमें ना ज्यादा गर्मी लगेगी और ना ज्यादा ठंड लगेगी जिससे हम मौसमी बीमारियों और इन्फेक्शन से भी दूर रहेंगे | बाहर का तापमान होने पर शरीर का तापमान बढ़ सकता है | सर्दी के मौसम में खुद को कैसे वायरस के हमले से बचाएं | सर्दियों में टोपी, मफलर और दस्ताने पहनना आज कल फैशन सा बन गया है | कुछ लोग तो साल भर इसी इंतजार में रहते हैं की कब मौसम ठंडा हो और कब रंग बिरंगे मफलर का इस्तेमाल हो और सर्दी से बचाने में मफलर बहुत फायदेमंद होता है |


         हमारे शरीर का औसत तापमान 98.6 डिग्री फ़ॉरेनहाइट कम या ज्यादा भी हो सकता है | महिलाओं को अमूमल ज्यादा ठंड लगती है क्योंकि उनकी शारीरिक बनावट ही कुछ इस तरह की होती है | पर अगर आप बहुत ज्यादा ठंड लगने की समस्या से लंबे समय से पीड़ित हैं तो आपको डॉक्टर के पास जाकर अपनी समस्या का मूल कारण जल्द तलाशना करनी चाहिए | कुछ ऐसी चीजें हैं जो इस परेशानी की वजह हो सकती है | शरीर में आयरन की कमी  लगातार लगने वाली ठंड की प्रमुख वजह हो सकती है | अब तक अगर आप इस समस्या को सिर्फ कमजोरी थकान या त्वचा के पीलेपन से जोड़ रहे थे तो आप गलत है | पुरे शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुँचाने के अलावा शरीर के विभिन्न हिस्सों से गर्मी और पोषक तत्वों को लाने पहुचाने में आयरन की अहम् भूमिका होती है | शरीर में आयरन की कमी का सीधा मतलब यह है की शरीर अपने ये सभी काम सुचारू रूप से कर पाने में सफल नहीं हो पाएगा | आयरन की इस कमी के कारण आपको कंपकपी भी शुरू हो सकती है | ठंड धीरे-धीरे रफ़्तार पकड़ने लगी है | इस मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही बच्चों के लिए भरी पद सकती है | सर्दी-जुखाम से जो सिलसिला लापरवाही की वजह से शुरू होता है वो न्युमोनिया और परमानेंट अस्थमा जा पहुचता है | इसलिए मौसम में बच्चों को लेकर खास सावधानियां बरतने की जरुरत है | विटामिन B 12 की खास बात यह है की यह जानवरों से प्राप्त होने वाली खाद्य पदार्थो में पाया जाता है और शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में अहम् भूमिका निभाता है | शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने का काम विटामिन B 12 ही करता है | इस विटामिन की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं पुरे शरीर में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पातीं और परिणामस्वरूप लगातार ठंड लगती रहती है |

इन्हें अपनाएं और ठंड भगाएं  -

  • शरीर को कई प्रकार शहद रोगों से दूर रखता है और जरुरत पड़ने से बिमारियों के उपचार में भी सहायत है इसलिए शहद को आयुर्वेद में अमृत सामान माना गया है | सर्दियों में शहद का सेवन करने से शरीर का इम्यून सिस्टम दरुरत रहता है और साथ ही पाचन क्रिया भी बढती है | 
  • अपने आहार में फल, सूखे मेवे और स्प्राउटस शामिल करें | तरल पधार्थो का सेवन ज्यादा करें | जंक फ़ूड से दूर रहें | गेहूं की घास से बने जूस के नियमित सेवन से भी लाभ होता है | तिल, अश्वगंधा और सरसों के तेल से मालिश करें | गर्म पानी के स्नान से भी लाभ मिलता है |
  • सर्दियों में cold cough से राहत पाने में सूप का सेवन काफी फायदेमंद है | आप वेज और नॉन वेजिटेरियन कोई भी सूप बस इतना ध्यान रहे की ये ताजा हो | लौंग, तुलसी,काली मिर्च और अदरक की बनी हुई चाय पिने से ठंड से राहत मिलती है | खाँसी और सर्दी जुकाम से छुटकारा पाने में भी ये उपाय असरदार है | 
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Friday, November 18, 2016

स्वास्थ्य के महत्व और तंदरुस्त कैसे बनाएं रखनी चाहिए !

स्वास्थ्य और तंदरुस्त :

         मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य का सर्वाधिक महत्व है | स्वास्थ्य के बिना धन, संपत्ति, मनोरंजन, और अन्य सुविधाएँ महत्व हीन हैं | जो व्यक्ति तन और मन से स्वास्थ्य होता है वह संसार का सबसे सुखी प्राणी है | ऋषि मुनियों ने शुरू से ही स्वास्थ्य के महत्व को स्वीकार किया है और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करने की सलाह दिन है | जो मनुष्य सूर्योदय से पूर्व उठते हैं और अपनी दिनचर्या पूर्ण करके निर्धारित समय के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते है निष्काम भाव से कर्म करते है तथा रात्रि में समय पर शयन करते हैं वे हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं |


        स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखना एक व्यक्ति को स्वस्थ और अच्छाई की सामान्य स्थिति में रहने में मदद करता है | यह बिना आराम के शारीरिक गतिविधियों को करने की क्षमता प्रदान करता है | यद्यपि, स्वास्थ्य और तंदुरस्ती को बनाए रखने के लिए सन्तुलित भोजन के साथ नियमित शारीरिक व्यायाम की आवश्यकता होती है | तंदुरस्त,स्वस्थ,बिमारियों से निडर रहने और अन्य बहुत से लाभों के लिए अपने स्वास्थ्य और तंदुरस्त को बनाए रखना बहुत आवश्यक है | स्वास्थ्य और तंदुरस्ती उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो बहुत ख़ुशी और शांति के साथ जीवन जीना चाहते हैं | एक स्वस्थ और तंदुरस्त व्यक्ति ही पुरे उत्साह के साथ जीवन जीने में सक्षम होता है | हम एक व्यक्ति को स्वस्थ और तंदुरस्त तब कह सकते है यदि वह शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरस्त है | शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरस्त व्यक्ति को बिमारियों का खतरा कम रहता है | किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य और तंदुरस्ती निम्नलिखित चीजों में मदद करती है |
         आजकल लोग अपने व्यस्त जीवन-शैली में बहुत व्यस्त हो गए हैं और उनके पास स्वस्थ या तंदुरस्त रखने का भी समय नहीं है | यह सत्य है की हमें स्वस्थ और दंदुरस्त रहने के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाना चाहिए, अपने आस-पास स्वच्छता रखने का अभ्यास करना चाहिए और नियमित शारीरिक व्यायाम करना चाहिए | जैसे की हम सभी जानते हैं की कठोर परिश्रम का कोई भी विकल्प नहीं है इसी तरह स्वास्थ्य और तंदुरस्ती रहने का भी कोई अन्य विकल्प नहीं है | स्वास्थ्य और तंदुरस्ती स्वस्थ रहन-सहन और स्वस्थ जीवन- शैली का मिश्रण है | हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए नियमित स्वास्थ्यवर्धक भोजन करना चाहिए और शारीरिक व्यायाम करना चाहिए हालांकि, हमें मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सकारात्मक सोचने की आवश्यकता होती है | स्वास्थ्यकर बिंदुओं का ध्यान रखने के लिए उसके भौतिक एवं आध्यात्मिक प्रभावों पर बल दिया गया है | धर्म में गहरी आस्था रखने वालों को स्वास्थ्यकर से संबंधित गतिविधियों के ली प्रोत्साहित करने के लिए इतना बताना काफी होगा की इससे ईश्वर का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है और उसकी अनुकंपाओं का पात्र बना जा सकता है | कुराने मजीद में साफ एवं स्वच्छ जैसे शब्दों का अनेक स्थानों पर प्रयोग है जिससे इस्लामी शिक्षाओं में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व का पता चलता है | क्योंकि शरीर मन का आधार होता है उसके स्वास्थ्य का इंसान के मन पर सीधा प्रभाव पड़ता है इसीलिए इस्लाम की अनेक शिक्षाओं में की जो दिशानिर्देशों के रूप में हैं शरीर के स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्यकर पर काफी ध्यान दिया गया है |

    स्वास्थ्य और तंदरुस्ती का महत्व -

  • स्वंय के स्वस्थ और तंदरुस्त रखने के लिए हम नियमित से निम्नलिखित तरीकों अपना सकते है | हमें अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर नियमित रूप से दैनिक शारीरिक व्यायाम में शामिल होना चाहिए | 
  • स्वंय को व्यायाम 30-60 मिनट का या सप्ताह में 5 से 6 बार व्यायाम किसी भी व्यक्ति के तंदरुस्त रहने के लिए पर्याप्त है | एक व्यक्ति के लिए सही समय पर सही मात्रा में स्वच्छ आहार स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए बहुत आवश्यक है | 
  • तंदरुस्त और स्वस्थ रहने के लिए, सोने की अच्छी व्यवस्था किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक है | स्वस्थ पोषण के साथ उच्च फाइबर, कम वसा, अधिक प्रोटीन और विटामिन व मिनरल के स्रोत अच्छे स्वास्थ्य के नींव है | 
  • बीमारियों के खतरे को कम करना | शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर महसूस कराना | आत्मविश्वास के स्टार को सुधारना | जीवन में सालों को जोड़कर आयु को लम्बी करने में मदद करना | तनाव को कम करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना | तनाव का स्तर चिन्ता और अवसाद की भावना को कम करना |
  • सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए विशेषरूप से युवा पीढ़ी से लिए नियमित शारीरिक गतिविधियों और नियमित व्यायाम आवश्यक है | स्वास्थ्य और तंदरुस्ती जीवन में खुशियाँ लाती है और एक व्यक्ति की तनावमुक्त और बीमारी मुक्त जीवन जीने में मदद करती है | 
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Friday, November 11, 2016

लहसुन खाने से फायदेमंद क्या है !

लहसुन के फायदे :

        लहसुन आयुर्वेद में कहा जाता है की इसके सेवन करने से आप जवान बने रहेगे | साथ ही यह कई बिमारियों से जैसे की बवासीर, कब्ज, कान का दर्द, ब्लड प्रेशर, भूख बढ़ाने आदि में किया जाता है | लहसुन का इस्तेमाल हम खाने का स्वाद बढ़ाने में किया जाता है | इसके इस्तेमाल से खाना का टेस्ट बदल जाता है | लेकिन आप जानते है की लहसुन की एक कलि हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है | आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपके सेहत का भी ख्याल रखता है |


        लहसुन और शहद एक बहुत ही पुरानी दवा है | खाली पेट लहसुन खाने से होते है यह चमत्कारी फायदे अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है तो इंसान को सौ तरह की बीमारियाँ घेर लिती हैं | क्या आप जानते है की लहसुन और शहद को एक साथ मिला कर खाने से ये एंटीबायोटिक का काम करते हैं | यह एक प्रकार का सूपर फूड है | लहसुन पेट संबंधी समस्याओं के लिए काफी फायदेमंद है | साथ ही इसका सेवन करने से आपके पेट में मौजूद विषाक्त पधार्थो को साफ़ कर देता है | शुक्राणु बढाने में कैसे मददगार गरम दूध और शहद हमेशा कच्चे और शुद्ध शहद का ही प्रयोग करें क्योंकि यह कोलेस्ट्रोल को कम करने का मदद करता है | साथ ही इसे खाने से वजन भी कम होता है | लहसुन और शहद के इम्युनिटी बढाए इस धोल की शक्ति बढ़ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है | इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बजा रहता है और उसे कोई बिमारी नहीं होती | दिल की सुरक्षा करे इस मिश्रण को खाने से हदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हदय तक पहुंच पाटा है | इससे हदय की सुरक्षा होती है | लहसुन खाने से गले की खराश दूर करे इस मिश्रण को लेने से गले का संक्रमण दूर होता है क्योंकि इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण हैं | यह गले की खराश और सुजन को कम करता है | डयरिया से बचाए अगर किसी को डायरिया हो रहा हो तो उसे इसका मिश्रण खिलाएं | इससे उसका पाचन तंत्र दुरुस्त हो जाएगा और पेट के संक्रमण मर जाएंगे | सर्दी-जुखाम से राहत दिलाए इसको खाने से सर्दी-जुखाम के साथ साइनस की तकलीफ भी काफी कम हो जाती है | यह मिश्रण शरीर की गर्मी बढ़ता है और बीमारियों को दूर रखता है | यह फंगल इंफेक्शन से बचाए फंगल इंफेक्शन, शरीर के कई भागों पर हमला करते है लेकिन एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरा यह मिश्रण बैक्टीरिया को ख़तम कर के शरीर को बचाता है |

कच्ची लहसुन खाने के लाभ -

  • लहसुन यह गले की खराश और सुजन को कम करता है | लहसुन को मिश्रण लेने का संक्रमण दूर होता है क्योकिं इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रहते है | लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्ति बढ़ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है | इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बिमारी नहीं होती है |
  • लहसुन को खाने से सर्दी-जुखाम के साथ साइनस की तकलीफ कम हो जाती है | यह मिश्रण शरीर की गर्मी बढाता है और बीमारियों को दूर रखता है | इस मिश्रण को खाने से हदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हदय तक पहुंच जाता है | इससे हदय की सुरक्षा होती है |  
  • लहसुन को शुद्ध और बिना गर्म किया शहद यौन उत्तेजना बढाता है क्योंकि इसमें अनेक पदार्थ जैसे, जिंक, विटामिन ई आदि होता है | यह पौरुष और प्रजनन स्वास्थ्य को बढावा देने का कार्य करता है | इसके अलावा रात को रोज सोते वक्त शहद पिसा लहसुन एक साथ मिक्स कर के खाना चाहिये | यह एक आपके सेक्युअल स्टैमिना और प्लेजर को बढ़ा देता है | 
  • लहसुन शायद वनस्पति जात की यह इकलौती वनस्पति है जिसमे सभी विटामिन और खनिज है | इसलिए लहसुन बालो के लिए भी फायदेमंद है | केवल लहसुन का सेवन ही नहीं बल्कि इसके तेल से भी बालो से जुडी सारी समस्याओं से निजात पाई जा सकती है |  बाल झड़ना - 50 ग्राम  सरसों का तेल, एक लहसुन की सब कलिया छीलकर डाल दे | मंदाग्री में पकाएं | कलिया जल जाए तो उतारकर छानकर बोतल में भर दें | रोज रात को सोने से पहले मालिश करे |
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Tuesday, November 1, 2016

वनस्पति में नीम के फायदे क्या क्या है ?

नीम के फायदे :

         वनस्पतियों में से निम् एक ऐसी वनस्पति है जो सूर्य के प्रतिबिम्ब की तरह है | यह अपने औशधिय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार पांच हजारो सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है | नीम में इतने गुण हैं की ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है | यहाँ तक की इसको भारत में गाँव का दवाखाना कहा जाता है | इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी होती है | नीम के पत्ते भारत से बाहर 34 देशों को निर्यात किए जाते हैं | इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मुंहासे, छाले, खाज-खुजली वगेरे को दूर करने में मदद करते है |


        इस पृथ्वी पर जीवन सूर्य की शक्ति से ही चलता है | सूर्य की उर्जा से जन्म तमाम जीवों में नीम ने ही उस उर्जा को सबसे ज्यादा ग्रहण किया है | किसी भी बिमारी के लिए नीम आयुर्वेदि उपयोग किया जाता है | इस धरती पर मिलने वाले पत्तों में सबसे जटिल नीम का पत्ता ही है | नीम के पत्तों में जबरदस्त औशधिय गुण होता है | इसमें प्राणिक शक्ति भी बहुत अधिक है | अब वे नीम उगाने की कोशिश कर रहे है क्योंकि नीम को अनगिनत तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है | अगर आपको दांत का दर्द है इसकी दातून का इस्तेमाल किया जाता है | अगर आपको कोई छूत की बीमारी है तो नीम के पत्तों पर लिटाया जाता है क्योंकि यह सिस्टम को साफ़ कर के उसको उर्जा से भर देता है | अगर आपके घर के पास कोई नीम का पेड़ है तो इसका आपके ऊपर कई तरह से अच्छा प्रभाव पड़ता है | अगर आप हर दिन नीम का सेवन करें तो ऐसा हो सकता है इसको कैंसर वाली कोशिकाओं की तादाद एक सीमा के अंदर रहती है ताकि वह हमारी प्रणाली पर हल्ला बोलने के लिए एकजुट न  हो सकें | इसलिए नीम का सेवन बहुत लाभदायक है | नीम में ऐसी भी क्षमता है की अगर आपकी रक्त धमनियों में कहीं कुछ जमना शुरू हो गया हो तो ये उसको साफ़ कर सकती है | नीम का तरह- तरह से इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया के साथ निपटने में आपके शरीर की उर्जा खर्च नहीं होती | आप नहाने से पहले अपने बदन पर नीम का लेप लगा कर कुछ वक्त तक सूखने दें फिर उसको पानी से धो डालें | सिर्फ इतने से ही आपका बदन अच्छी तरह से साफ़ हो सकता है |

       नीम के औषधिय गुणों क्या है

  • बैक्टीरिया से भरी पड़ी है | हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुवा है | एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती है | और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होती है | आप एक है तो वे दस है | आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते है | इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं | इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो हमारे लिए मुसीबत खडी कर सकते है | अगर आप नीम का सेवन करते है तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है | 
  • बिमारियों के लिए नीम के बहुत से अविश्वसनीय लाभ है | सबसे खास यह है की कैंसर-कोशिकाओं को नष्ट कर देता है | हर किसी के शारीर में कैंसर वाली कोशिकाएं होती है | यह एक जगह नहीं होतीं हर जगह बिखरी होती हैं | किसी वजह से अगर आपके शरीर में कुंछ खास हालात बन जाते है तो ये कोशिकाएं एकजुट हो जाती हैं |
  • नीम आपके सिस्टम को साफ़ रखने के साथ उसको खोलने में भी खास तौर से लाभकारी होती है | इस सबसे बढ़ कर यह शरीर में गर्मी पैदा करता है शरीर में इस तरह की गर्मी हमारे अन्दर साधना के द्वारा तीव्र और प्रचंड उर्जा पैदा करने में बहुत मदद करती है |
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Thursday, October 27, 2016

दीपावली कब और क्यों मनाया जाता है !

दीपावली का त्यौहार :

         यह दीवावली हिन्दुओं का बहुत महत्वपूर्ण त्यौहार है | दीपावली हिंदू कैलेंडर के अनुसार दीवाली अश्विन के महीने में कृष्ण पक्ष की १३ वें चंद्र दिन पर मनाया जाता है | यह परम्परागत रूप से हर साल मध्य अक्टूबर या नवम्बर में दशहरा के १८ दिन बाद मनाया जाता है | यह बात तो सभी को मालूम है की दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है भगवान राम जब असुरराज रावण को मारकर अयोध्या नगरी वापस आए तब नगरवासियों ने अयोध्या को साफ़-सुथरा करके रात को दीपकों की ज्योति से जलाया था | दीपावली का त्यौहार हर साल बहुत खुशियों के साथ आता है | दीपावली पाँच दिनों से अधिक समय धनतेरस से भाई-दूज पर पूरा होता है | कुछ स्थानों पर जैसे की महाराष्ट्र में यह छह दिनों में पूरा होता है | अधिक जानने के लिए निचे दिया हुवा है |
         भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्योहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों द्रष्टि से अत्यधिक महत्त्व है | इसे दीपोत्सव भी कहते हैं | तमसो माँ ज्योतिर्गमय अर्थात अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइए यह उपनिषदों की आज्ञा है | इसे सिख, बौद्रतथा जैन धर्म के लोग भी मनाते हैं | जैन धर्म के लोग इसे महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाते है | माना जाता है की दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौद वर्ष के वनवास के पश्चात् लौटे थे | अयोध्यावासियों का हदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से उल्लसित था | श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीए जलाये थे | कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमग उठी थी | तब से आज तक भारतीय प्रति वर्ष यह प्रकाश-पर्व हर्ष व उल्लास से मनाया जाता है | दीपावली दीपों का त्यौहार है | भारतियों का विश्वास है की सत्य की सदा जीत होती है और झूठ का नाश होता है | दीवाली एक धार्मिक विविध रंगों के प्रयोग से रंगोली सजाने, प्रकाश और ख़ुशी का अंधकार हटाने का मिठाइयों का पूजा आदि का त्यौहार है जो पुरे भारत के साथ साथ देश के बाहर भी कई स्थानों पर मनाया जाता है | यह रौशनी की कतार या प्रकाश का त्यौहार कहा जाता है | सम्पूर्ण विश्व में मुख्य: हिन्दुओं और जैनियों द्वारा मनाया जाता है | उस दिन बहुत से देशों जैसे टोबागो, सिंगापुर, सुरिनम नेपाल, मारीशस,गुयाना त्रिनद और श्री लंका, म्यांमार, मलेशिया और फिजी में राष्ट्रीय अवकाश है |
         दिवाली का त्यौहार वर्ष का सबसे सुंदर और शांतिपूर्ण समय लाता है जो मनुष्य के जीवन में असली ख़ुशी के पल प्रदान करता है | भगवान की पूजा और त्योहरोत्सव हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है हमें अच्छे कार्यों को करने के प्रयासों के लिए शक्ति देता है देवत्व के और ज्यादा करीब लाता है | घर के चारों ओर दिये और मोमबत्ती जलाकर प्रत्येक कोने को प्रकाशमान किया जाता है | यह माना जाता है की पूजा और अपने करीबी और प्रियजनों को उपहार दिये बिना यह त्यौहार कभी पूरा नहीं होता है | व्यापारी अपने वर्ष के कर्च और लाभ जानने के लिए अपने बहीखातों की जाँच करते है | शिक्षक किसी भी विषय में अपने छात्रों की प्रदर्शन और प्रगति का निरिक्षण करते है | लोग उपहार देने के माध्यम से दुश्मनी हटाकर सभी से दोस्ती करते हैं | कॉलेज के छात्र अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों को दीवाली कार्ड और एस एम एस भेजते है |

  • दिवाली का पहला दिन धनतेरस के नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ है घर में धन और समृद्धि का आना | लोग बर्तन, सोने और चाँदी के सिक्के, और अन्य वस्तुएँ खरीद कर इस विशवास के साथ अपने घर लाते है की घर में धन की वृद्धी होगी | 
  • दिवाली का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी के नाम के जाना जाता है जो इस विश्वास के साथ मनाया जाता है की भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर को हराया गया था | दिवाली का तीसरा दिन अमावश्य के साथ मनाया जाता है जो हिन्दू देवी लक्ष्मी की पूजा के इस विश्वास के साथ मनाया जाता है जो सभी इच्छाओं की पूर्ति करती है | 
  • दिवाली का चौथा दिन बलि प्रदा के नाम से जाना जाता है जो भगवान विष्णु की कथा से संबन्धित है जिन्होंने अपने वामन अवतार में राक्षस राजा बलि को हराया था | बलि बहुत महान राजा था किन्तु पृथ्वी पर शासन करते हुये वह लालची हो गया क्योंकि उसे भगवान कृष्ण द्वारा असीमित शक्तियों की प्राप्ति का वरदान मिला था | गोवर्धन पूजा इस विश्वास के साथ भी मनाया जाता है की भगवान कृष्ण ने असहनीय काम करके इन्द्र के गर्व को हराया था | 
  • दिवाली का पाँचवा दिन यम द्वितीया या भाई दूज के नाम से भी जाना जाता है | जो मृत्यु के देवता "यम" और उनकी बहन यामी के इस विश्वास के साथ मनाया जाता है | लोग इस दिन को बहन और भाई के एक दूसरे के प्रति प्रेम और स्नेह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है |
      दिवाली का जश्म मनाने के पीछे सबसे महशूर और अच्छी तरह से ज्ञात इतिहास का महान हिंदू महाकाव्य रामायण में उल्लेख किया है | इसके अनुसार राम १४ वर्ष का वन में एक लंबा जीवां के बाद अपने राज्य में वापस आये थे | राम के वनवास के पीछे महान उदेश्य लंका के दानव राजा रावण का वध करना था | भगवान राम अयोध्या लौटने का जश्म मनाया था | उस वर्ष से हर साल दीपावली का जश्म मनाने की यह महान हिंदू परंपरा बन गई |
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Saturday, October 15, 2016

चुकंदर (Beet) खाने से फायदे क्या क्या हैं ?

चुकंदर (Beet) फायदे : 

         चुकंदर एक ऐसी सब्जी है जिसे बहुत से लोग नापसंद करते है | इसके रस को पिने से ना केवल शरीर में रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढती है बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होता है | चुकंदर के फायदा क्या है और क्यों खाना चाहिए | अधिक से लोग चुकंदर का सब्जी बनाकर खाते है | यदि आप सब्जी से नफ़रत करते हो तो सुकंदर के फायदे निचे दिया हुवा है |


         आप अपनी डायट में लाल-बैंगनी रंग के चुकंदर को शामिल नहीं कर रहे है तो फ़ौरन कर दीजिये | चुकंदर आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने से लेकर आपका सेक्सुअल स्टैमिना तक बढाता है | चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह की विटामिन और खनिज होता है | रक्त्वर्धन और शोधन के काम में सहायक होता है | इसमें पाए जाने वाले एंटीओक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है | खासकर के चुकंदर के रस का सेवन करने से व्यक्ति में रक्त संचार काफी बढ़ जाता है | रक्त की धमनियों में जमी हुई चर्बी को भी इसमें मौजूद बेटेन नामक तत्व जमने से रोकता है | चुकंदर एक कन्दमूल है और प्रोटीन भी मिलती है | यह जठर और आंतो को साफ़ रखने में मदद करता है | चुकंदर रक्तवर्धक (ब्लड को साफ़ करता ) शरीर में ताकत देने वाला और शरीर को लाल बनाने वाला कमजोरी को दूर करता है | चुकंदर का सेवन करने से शरीर फीकापन दूर होता है | शरीर लाल बनता है और शरीर में एक विशेष प्रकार की शक्ति एव चेतना उत्पन्न होता है | इसके अतिरिक्त चुकंदर दूध पिलाने वाली स्त्रियों के स्तनों में दूध को बढाता है |  यह जोड़ों के दर्द को दूर करता है | यह यकृत को शक्ति देता है और दिमाग को तरोताजा रखने में मदद करता है | सोडियम पोटेशियम, फोस्फोरस, क्लोरिन, आयोडीन, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते है | चुकंदर खाने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है | उम्र के साथ उर्जा व शक्ति कम होने लगती है चुकंदर का सेवन अधिक उम्र वालों में भी उर्जा का संचार करता है | इसमें एंटीओक्सीडेंट पाए जाते है | जो हमेशा जवान बनाएं रखते है | चुकंदर शरीर को शुद्र और स्वस्थ करता है | यह बलगम को गलाकर बाहर निकालता है तथा गुर्दे के दर्द को झनकबाई  और दिमाग को तरोताजा रखता है | चुकंदर गुणकारी होने पर भी कंदमूल होने के कारण पचने में कुछ भारी पड़ता है | इसका अधिक मात्रा में सेवन कभी-कभी पेट में गैस पैदा करता है | अत: कमजोर पाचनशक्ति वालों को चुकंदर का प्रयोग सोच-विचार कर ही करना चाहिए |

      चुकंदर में पाये जाने वाले विभिन्न तत्व क्या है ?

  • चुकंदर में नाईट्रेटस का एक अच्छा स्त्रोत है इसका सेवन किए जाने पर ये नाइट्राईटस और एक गैस नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है | ये दोनों तत्व धमनियों को चोडा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है | शोधकर्ताओं ने ये भी पाया है की हर रोज 500 ग्राम चुकंदर खाने से लगभग 6 घंटे में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर घट जाता है | 
  • चुकंदर का रस या चुकंदर को पानी में उबालकर इसका सूप सेवन करने से पथरी गलकर निकल जाती है इसकी मात्रा ३ ग्राम तक दिनमे ४ बार है | यह प्रयोग कुछ सप्ताह तक निरन्तर जारी रखे | इस प्रयोग से गुर्दे की सुजन भी दूर हो जाती है | अत: गुर्दे के रोगों में लाभदायक है | चुकंदर का रस निकालकर या चुकंदर को पानी में उबालकर उसका सूप ३० मिलीलीटर २-३ सप्ताह तक पिने में ४ बार बनाकर पिने से पथरी गल जाती है | 
  • गर्भवती महिलाओं में चुकंदर उच्च मात्रा में फोलिक एसिड पाया जाता है | यह पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं और अजन्म बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योकि इससे अजन्म बच्चे का मेरुदंड बनने में मदद मिलती है | चुकंदर गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त उर्जा देता है | 
  • चुकंदर को नेचुरल वियाग्रा भी कहा जाता है | पुराने ज़माने में इसका इस्तेमाल यौन स्वास्थ्य के लिए किया जाता है | चुकंदर नाइट्रिक ऑक्साइड रिलीज करता है जिससे की रक्त वाहिनियों का विस्तार होता है और जेनेटल्स में खून का दौरा बढ़ता है | इसके अलावा, चुकंदर में बहुत अधिक मात्रा में एक केमिकल बोरोन पाया जाता है जो की ह्युमन सेक्स हार्मोन के निर्माण में मददगार होता है | इसलिए अगर अगली बार वियाग्रा लेने का सोचें तो पहले चुकंदर ट्राई करना चाहिए |
  • चुकंदर का जूस पिने से व्यक्ति का स्टैमिना १६ प्रतिशत तक बढ़ जाता है | ऐसा इसके नाइट्रेट तत्व के कारण होता है | शरीर में ऑक्सीजन बढ़ने से मस्तिष्क भी ठीक प्रकार से अपना काम कर पाटा है | चुकंदर खाकर आप डिमेंशिया तक में राहत पा सकते है |

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Friday, September 23, 2016

चक्कर क्यों आता है और घरेलु उपचार कैसे करना हैं ?

चक्कर आने की समस्या :

         चक्कर शब्द का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग होता है | कुछ लोगों के लिए इसका मतलब है सर भारी सा लगना और असंतुलित महसूस करना जबकि दुसरे लोग इस शब्द का प्रयोग तब करते हैं जब वो ये बताना चाहते हैं की उन्हें आस-पास सबकुछ घूमता हुआ सा लग रहा है | इस बीमारी का लक्षण काफी अस्पष्ट सा है और ऐसे कई तत्व हैं जो चक्कर आने के कारण हो सकते हैं | इसलिए चक्कर आने पर या आने से पहले इसे रोकने के लिए उपाय करना एक प्रयत्न-त्रुटी विधि से उपयोग करने की प्रक्रिया हो सकती है |


         अगर आपको दिन में कई बार चक्कर आता है और पूरी दुनिया गोल-गोल घुमती नजर आती है तो हो सकता है की आप वर्टिगो नामक बिमारी से ग्रस्थ हों | सिर दर्द, चक्कर, नोजिया यह वर्टिगो के लक्षण हैं | वर्टिगो लैटिन का शब्द है, जिसका अर्थ है चक्कर आना | दरअसल इसमें यह एहसास होता है की सब कुछ घूम रहा है | कैसे निपटें लो ब्लड प्रेशर से आप स्थिर हैं लेकिन कुछ सेकेंड के लिए वातावरण चक्कर लगाने लगता है | खास बात यह की आडा या तिरछा देखने पर इसमें सब घूमता दिखाई देता है | कभी-कभी चक्कर के साथ उल्टी जैसा भी महसूस होता है | अगर आपको लगातार कई महीनों से चक्कर आ रहें हैं तो उसे नजरअंदाज न करें | कई बार चक्कर आने का कारण लो बीपी या एनीमिया भी होता है | चक्कर आना एक सामान्य समस्या है जिसमें इंसान का सिर अचानक से घूम जाता है और उसकी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगता और वह गिर जाता है | लेकिन अधिक चक्कर आना भी आपके लिए खतरनाक हो सकता है | इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए वैदिक वाटिका आपको इसके कुछ सरल और आसान घरेलु उपायों के बारे में बता रहे है ताकि आप चक्कर आने की परेशानी से बच सकते है |

    घरेलु उपचार कैसे -
          यहाँ पर ऐसे कई उपाय बताये गए हैं जो आप तब अपना सकते है जब आपको चक्कर आ रहा हो | चक्कर आते ही सिर घुमने लगता है और आस-पास की सभी वस्तुएं घुमती नजर आती हैं | कई बार अधिक ऊंचाई पर या गहरे पानी को देखने से भी चक्कर सा आने लगता है | ऐसी स्थिति में क्या चिकित्सकीय उपचार है | यूं तो महीने के आखिरी दिनों में यदि मेहमान घर में आ जाएं तो कुछ मेजबानों को चक्कर आ जाता होगा परंतु यहाँ हम उस चक्कर की नहीं बल्कि वास्तविक चक्कर, वर्टिगो की बात कर रहे हैं |

  • नारियल पानी का सेवन और नारियल का पानी रोज पिने से चक्कर आना बंध हो जाते हैं | आंवले के पाउडर का सेवन सुखा आंवला पिस कर चूर्ण बनाये फिर 10 ग्राम आंवला चूर्ण को 10 ग्राम धनिया पाउडर के साथ 1 ग्लास पानी के साथ पीना चाहिए |
  • अदरक खाएं खाने में और चाय में अदरक का भरपूर प्रयोग करे अदरक चक्कर को रोक देता है | जब चक्कर आता है तब लेट जाएं तुरंत लेट जाएं | सिर के निचे तकिया जरुर लगाना चाहिए  |प्राणायाम करें अगर ज्यादा चक्कर आता है तो रोज सुबह उठ कर अनुमोल विमोल प्राणायाम करनी चाहिए | 
  • कम पियें चाय-कोफ़ी इस समस्या को दूर करने के लिए चाय और कोफ़ी पर नियंत्रण लगाए | इससे चक्कर आने की तकलीफ बढती है | ठंडा पानी पियें जब चक्कर आने पर और बर्फ के सामान ठंडा पानी 3 ग्लास पिने से भी तुरंत राहत मिलती है | 
  • ब्लडप्रेशर में अचानक से कमी का आना, दिमाग में खून का सही तरह से प्रवाह न हो पाना, शरीर में पोषक तत्वों की कमी आदि चक्कर आने की मुख्य वजह होता है | अक्सर चक्कर आने का कारण शरीर में पानी की कमी हो जाना होता है | सामान्यतय पानी की कमी तब होती है जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं ले रहे होते हैं |
  • तेज चमक वाली रौसनी से आपका ध्यान भटक सकता है और चक्कर आने की समस्या गंभीर हो सकती है | किसी अँधेरे कमरे में बैठने या लेटने की कोशिश करें या एक या दो मिनट के लिए अपनी आँखे बंध कर लेनी चाहिए | 
  • अगर आपको चक्कर आते रहते हैं तो अचानक से कोई मूवमेंट नहीं करना चाहिए क्योंकि तेजी से मूवमेंट करने पर आपका ब्लडप्रेशर भयंकर रूप से बढ़ सकता है | आप जब भी उठे या बैठे तो अगर संभव हो तो आपको किसी मजबूत और स्थिर सतह को पकड़ के धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ कोई भी हरकत करनी चाहिए |
उदहारण के लिए भूखे रहने पर आपको चक्कर आ सकता है, काफी तेजी से खड़े होने पर या बहुत गर्म पानी से नहाने पर भी आपको चक्कर आ सकता है | इसलिए चक्कर आने के कारणों का पता करके  आप पहले से ही चक्कर आने की समस्या का समाधान कर सकते है |

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गर्मी के बाद बारिश का शरीर को क्या लाभ मिलती है |

 बारिश के लाभ :           गर्मी के बाद बारिश बहुत ही सुकून देती है | बारिश का इंतज़ार हर किसी को रहता है | बारिश के पानी का लाभ सभी को ...