हड्डी चलने दौड़ने, उतरने-चढ़ने ढलान सीढ़ियाँ से फिसलने पैर ऊँचा-निचा पड़ने बच्चों को खेलते समय टखने घूटने या एड़ी में मोच आ जाती है । मोच आने पर मांसपेशियों पर अधिक खिंचाव पड़ता है या उस अंग पर मरोड़ सी आने लगती है । मोच आने पर वह स्थान सूज जाता है और दर्द होने लगता है ।
* मोच वाले स्थान पर ठंडी सेक दें और उस पर तब तक पटटी बँधी रहने दें जब तक कि दर्द कम न हो जाए ।
* हल्दी को पानी में पीसकर उसका गरम लेप मोच वाली जगह पर कर दें ।
* मोचवाले स्थान पर सोज उतारने के लिए गरम पानी में फिटकरी या नमक डालकर पतली धार बनाकर गुनगुना पानी डाले ।
* हल्दी और प्याज को पीसकर मोच वाले स्थान पर लेप करें । इससे दर्द में आराम मिलेगा तथा सूरज उतर जाएगी ।
* तिल की पानी के छींटे देकर पीस लें उसे गरम करके गुनगुना ही मोच पर बाँधे ।
* पुराना गुड़ तथा हल्दी मिलाकर प्रभावित स्थान पर बाँध दें ।
* सहद और चुना मिलाकर मोच वाले स्थान पर लेप करके पट्टी बाँध दें ।
* बैंगन के गुदे में हल्दी मिलाकर गरम करें हलका सेंक देकर मोच पर बाँधें ।
सावधान : फ्रेक्चर होने पर बरतें
फ्रेक्चर वाले अंग को हिलाएँ- दुलाएँ नहीं उलटी- सीधी मालिश करें ।
यदि बाँह की ऊपरी या निचली हड्डी टूट गई हो तो बाँह को छाती के साथ बाँध दें ।
हड्डी टूटने का पता न चल रहा हो और लगातार दर्द हो तो उसका एक्स-रे अवश्य निकाले ।
एक्स-रे में यदि फ्रेक्चर दिखाई देता है तो डॉक्टर उसे सीधा करके प्लास्टर चढ़ा देगा, हालाँकि हड्डी अपने आप जुड़ती है प्लास्टर उसे हिलने-डुलने तथा टेढ़ा होने से बचाने के लिए चढ़ाया जाता है ।
जिस चोट में फ्रेक्चर नहीं, परंतु दर्द और सूजन है तो उस स्थान पर बेंगन के आधे भाग पर हल्दी मिलाकर गरम करके बाँधें ।
ग्वारपाठा का गुदा तथा हल्दी मिलाकर चोट पर बाँधें । दर्द और सूजन में राहत मिलेगी ।
* मोच वाले स्थान पर ठंडी सेक दें और उस पर तब तक पटटी बँधी रहने दें जब तक कि दर्द कम न हो जाए ।
* हल्दी को पानी में पीसकर उसका गरम लेप मोच वाली जगह पर कर दें ।
* मोचवाले स्थान पर सोज उतारने के लिए गरम पानी में फिटकरी या नमक डालकर पतली धार बनाकर गुनगुना पानी डाले ।
* हल्दी और प्याज को पीसकर मोच वाले स्थान पर लेप करें । इससे दर्द में आराम मिलेगा तथा सूरज उतर जाएगी ।
* तिल की पानी के छींटे देकर पीस लें उसे गरम करके गुनगुना ही मोच पर बाँधे ।
* पुराना गुड़ तथा हल्दी मिलाकर प्रभावित स्थान पर बाँध दें ।
* सहद और चुना मिलाकर मोच वाले स्थान पर लेप करके पट्टी बाँध दें ।
* बैंगन के गुदे में हल्दी मिलाकर गरम करें हलका सेंक देकर मोच पर बाँधें ।
सावधान : फ्रेक्चर होने पर बरतें
फ्रेक्चर वाले अंग को हिलाएँ- दुलाएँ नहीं उलटी- सीधी मालिश करें ।
यदि बाँह की ऊपरी या निचली हड्डी टूट गई हो तो बाँह को छाती के साथ बाँध दें ।
हड्डी टूटने का पता न चल रहा हो और लगातार दर्द हो तो उसका एक्स-रे अवश्य निकाले ।
एक्स-रे में यदि फ्रेक्चर दिखाई देता है तो डॉक्टर उसे सीधा करके प्लास्टर चढ़ा देगा, हालाँकि हड्डी अपने आप जुड़ती है प्लास्टर उसे हिलने-डुलने तथा टेढ़ा होने से बचाने के लिए चढ़ाया जाता है ।
जिस चोट में फ्रेक्चर नहीं, परंतु दर्द और सूजन है तो उस स्थान पर बेंगन के आधे भाग पर हल्दी मिलाकर गरम करके बाँधें ।
ग्वारपाठा का गुदा तथा हल्दी मिलाकर चोट पर बाँधें । दर्द और सूजन में राहत मिलेगी ।
