मुँह में छाले आना :
मुँह में छाले होना आम बात है | यह हमारी मुसीबत बहार से नहीं आती, बल्कि हमारी अनियमित दिनचर्या और उलटा-सीधा खाने का दुष्परिणाम है | छोटे-बड़े और जवान-बूढ़े कोई इससे बच नहीं पाते हैं |
कारण के अनियमित दिनचर्चा गलत आहार-विहार चपटी और मसालेदार चीजों का ज्यादातर सेवन बाजार की बनी बासी चीजें खाने समय पर शोचालय न जाने या उसे दबाने पर पेट में कब्ज बनने लगती है और फिर पेट में गरमी बढ़ जाती है,मल कठोर हो जाता है और पेट साफ़ नहीं होता | परिणामस्वरुप मल वायु कुपित होकर ऊपर चढ़ने लगती है | और मुँह में छाले के रूप में सामने आती है |मुँह के छालों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है, क्योंकि यह बीमारी हमारी स्वयं की पैदा की गई है
१) सबसे पहले तो अपनी दिनचर्चा बदलें | प्रात: जल्दी जागें,उठते ही एक गिलास ठंडा पानी पिएँ फिर शौचालय जाएँ | जब तक कब्ज बनी रहेगी तब तक छालों से निजात संभव नहीं |
२) कब्ज दूर करने के लिए इसबगोल की भूमी त्रिफला चूर्ण तथा सलाद का सेवन करें | कब्ज निवारक फल अमरूद पपीता आदि खाएँ |
३) अधिक जली-भुनी तथा तली और देर से पचने वाले खाध पदार्थो का सेवन न करें | इसके स्थान पर हरी सब्जियां दूध छाछ,दही का अधिक सेवन करें |
४) चाय-काँफी का सेवन कम-से कम मात्रा में करें | इसके अलावा धूम्रपान बिलकुल न करें |
५) जिन लोगों को बार-बार छाले होते है, वे टमाटर अधिक खाएँ तथा प्रात: पपीता,अमरुद आदि फल खाएँ | चाय-काँफी बिलकुल न लें बल्कि इसके स्थान पर नीबू-पानी पिएँ | पानी तथा तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लें | थोडा बहुत व्यायाम अवश्य करें देर तक न सोएँ | बार-बार खाने की आदत को बदलें |
६) दिन में 2-3 बार कच्चे नारियल के २-३ तुकडे और चिरोंजी चबाकर खाएँ | एक गिलास गरम दूध में आधा चम्मच पीसी हल्दी डालकर पिए | छालों में रहत मिलेगी |
७_ ताजा फीका दही खाने तुलसी की चार-पांच पत्तियों को चबाकर ऊपर से पानी पिने,गुड की डली को मुंह के छाले दूर होते है |
८) हरी सब्जियाँ सलाद के रूप में खाएँ तो अति उत्तम रहेगा | पेट में कब्ज नहीं बनेगी | छालों के दौरान चावल अधिक न खाएँ |
मुँह में छाले होना आम बात है | यह हमारी मुसीबत बहार से नहीं आती, बल्कि हमारी अनियमित दिनचर्या और उलटा-सीधा खाने का दुष्परिणाम है | छोटे-बड़े और जवान-बूढ़े कोई इससे बच नहीं पाते हैं |
कारण के अनियमित दिनचर्चा गलत आहार-विहार चपटी और मसालेदार चीजों का ज्यादातर सेवन बाजार की बनी बासी चीजें खाने समय पर शोचालय न जाने या उसे दबाने पर पेट में कब्ज बनने लगती है और फिर पेट में गरमी बढ़ जाती है,मल कठोर हो जाता है और पेट साफ़ नहीं होता | परिणामस्वरुप मल वायु कुपित होकर ऊपर चढ़ने लगती है | और मुँह में छाले के रूप में सामने आती है |मुँह के छालों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है, क्योंकि यह बीमारी हमारी स्वयं की पैदा की गई है
१) सबसे पहले तो अपनी दिनचर्चा बदलें | प्रात: जल्दी जागें,उठते ही एक गिलास ठंडा पानी पिएँ फिर शौचालय जाएँ | जब तक कब्ज बनी रहेगी तब तक छालों से निजात संभव नहीं |
२) कब्ज दूर करने के लिए इसबगोल की भूमी त्रिफला चूर्ण तथा सलाद का सेवन करें | कब्ज निवारक फल अमरूद पपीता आदि खाएँ |
३) अधिक जली-भुनी तथा तली और देर से पचने वाले खाध पदार्थो का सेवन न करें | इसके स्थान पर हरी सब्जियां दूध छाछ,दही का अधिक सेवन करें |
४) चाय-काँफी का सेवन कम-से कम मात्रा में करें | इसके अलावा धूम्रपान बिलकुल न करें |
५) जिन लोगों को बार-बार छाले होते है, वे टमाटर अधिक खाएँ तथा प्रात: पपीता,अमरुद आदि फल खाएँ | चाय-काँफी बिलकुल न लें बल्कि इसके स्थान पर नीबू-पानी पिएँ | पानी तथा तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लें | थोडा बहुत व्यायाम अवश्य करें देर तक न सोएँ | बार-बार खाने की आदत को बदलें |
६) दिन में 2-3 बार कच्चे नारियल के २-३ तुकडे और चिरोंजी चबाकर खाएँ | एक गिलास गरम दूध में आधा चम्मच पीसी हल्दी डालकर पिए | छालों में रहत मिलेगी |
७_ ताजा फीका दही खाने तुलसी की चार-पांच पत्तियों को चबाकर ऊपर से पानी पिने,गुड की डली को मुंह के छाले दूर होते है |
८) हरी सब्जियाँ सलाद के रूप में खाएँ तो अति उत्तम रहेगा | पेट में कब्ज नहीं बनेगी | छालों के दौरान चावल अधिक न खाएँ |