Tuesday, February 23, 2016

योगासन के विधि :हलासन १०


हलासन :
     
     इस आसन में शरीर का आकर हल जैसा बनता है, इसलिए इसको हलासन कहा जाता है

हलासन के विधि कैसे करे –


    भूमि पर बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएँ | दोनों हाथ शरीर को लगे रहें | अब रेचक करके श्वास को बहार निकाल दें | दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे ऊँचे करते जाएँ | आकाश की ओर पुरे उठाकर फिर पीछे सिर के तरफ झुकाएँ, ठोडी छाती से लगी रहे | चित्तवृत्ति को विशुद्र चक्र में स्थिर करें | २ मिनिट से लेकर २० मिनिट तक अवधि बढ़ा सकते हैं |

हलासन के लाभ –

    इस आसन का नियमित अभ्यास करने वालों की कमर पतली होती है और उनमे फुरतिलापक आता है | गर्मिणि स्त्रियों के सिवा हर एक को यह आसन करना चाहिए |
  • · इस आसन का नियमित अभ्यास करने वालों में सभी विशेषताएँ सदा ही बनी रहती हैं, जैसे उत्साह, शरीर का लचीलापन, स्फूर्ति, प्रत्येक कम कर सकने की क्षमता एवं शक्ति तथा उत्तम रोग निवारक स्वास्थ्य |
  •  मूत्राशय के रोग रुक-रुककर पेशाब आना, मधुमेह सोगों में जड़ से आराम मिलता है |
  •  स्त्रियों को मासिक धर्म के समय होने वाली बीमारियाँ, कष्टार्तव कमरदर्द,बेचेनी आदि को दूर करने का उत्तम साधन है |
  •  पेट में होने वाले रोगों, खराबियों या दर्द, पीठ, कमर, गर्दन आदि के दर्दों में आराम देता है |
  •  शरीर का बेडौल मोटापा, फालतू चरबी तथा क्रोधी स्वभाव घटाने में विशेष सहायक है |



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