योगासन : योगमुद्रासन
योगाभ्यास में यह मुद्रा अति महत्वपूर्ण कहा जाता है , इससे इसका नाम योगमुद्रासन रखा गया है |
योगमुद्रासन का विधि कैसे किया जाता है |
पदमासन लगाएँ | दोनों एडियाँ नाभि के निचे मिलें | दोनों हाथों को पीछे ले जाएँ और दाई कलाई को बाएँ हाथ से पकड़ लें | दाएँ हाथ की मुटठी बंद कर लें | कमर सीधी, कंधों को ऊपर उठाएँ, हाथों का जोर निचे की और हो | अब श्वास भरें और फिर धीरे से श्वास छोड़ते हुए कमर को इस प्रकार जुकायें की पूरा मेरुदंड सीधा रहे | श्वास को रोककर शरीर को आगे जुकाकर भूमि पर टेक दें | नितंब नहीं उठने चाहिए | कुछ देर इस स्थिति में रुकने का अभ्यास करें | फिर धीरे- धीरे सिर को उठाकर शरीर को पुन: सीधा कर दें और पूरक करें |
इस योगासन के लाभ -
योगाभ्यास में यह मुद्रा अति महत्वपूर्ण कहा जाता है , इससे इसका नाम योगमुद्रासन रखा गया है |
योगमुद्रासन का विधि कैसे किया जाता है |
इस योगासन के लाभ -
- पेट के गैस की बीमारी दूर होती है | पेट एवं आँतों की सब शिकायतें दूर होती हैं | कलेजा, फेफड़े आदि यथा रहते हैं | हदय मजबूत बनता है | रक्त के विकार दूर होते हैं | कुष्ठ और यौनविकार नष्ट होते हैं |
- शरीर मजबूत बनता है और मानसिक शक्ति बढती है |
