आँखों की सफाई :
आँखें एक बहुमूल्य दें है | आँखें सदैव साफ़ जल से धोकर साफ़ रखनी चाहिए | इनको मिटटी, कूड़े और गंदगी से बचना चाहिए | साफ़ रूमाल का उपयोग करना चाहिए | कभी-कभी आँखों को बोरिक पाउडर का गुनगुने जल में लहका घोल बनाकर अथवा त्रिफला के जल से धोना लाभदायक है | इसके लिए आई ग्लास का उपयोग करना चाहिए | आँखों की सुरक्षा के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए |
आँखों को कैसे बचाना है ?
आँखें एक बहुमूल्य दें है | आँखें सदैव साफ़ जल से धोकर साफ़ रखनी चाहिए | इनको मिटटी, कूड़े और गंदगी से बचना चाहिए | साफ़ रूमाल का उपयोग करना चाहिए | कभी-कभी आँखों को बोरिक पाउडर का गुनगुने जल में लहका घोल बनाकर अथवा त्रिफला के जल से धोना लाभदायक है | इसके लिए आई ग्लास का उपयोग करना चाहिए | आँखों की सुरक्षा के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए |
आँखों को कैसे बचाना है ?
- उठते, बैठने तथा पढते समय या सिलाई आदि करते समय देह की स्थिति ठीक होनी चाहिए | झुककर काम करने से आँखों पर अधिक जोर पड़ता है | किताब या सिलाई का फासला आँखों से ३० सें मी होना चाहिए तथा ४५ सें के कोण पर होना चाहिए |
- चलती गाडी या बस में नहीं पढना चाहिए | तेज प्रकाश अथवा चमक से आँखों को बचाना चाहिए |
- आँखों में छोटी- सी खराबी होने पर डॉक्टर को दिखाकर चिकित्सा करानी चाहिए |
- ओस से ढकी घास पर नंगे पाँव चलना हितकर होता है |
- पढाई-लिखाई या सिलाई आदि किसी भी काम को करते समय प्रकाश ठीक मात्रा में होना चाहिए | प्रकाश सदैव बायीं और तथा कुछ पीछे से आना चाहिए | सामने से प्रकाश का पड़ना ठीक नहीं | बहुत महीन छापा नहीं पढना चाहिए |
