विश्राम एवं निद्रा :
पहले तो हम विश्राम एवं निद्रा यह हमारे शरीर का उत्तम स्वास्थय है | हमारी देह सोते-जागते, हर समय काम करती रहती है जिससे देह की कोशिकाएँ घिसती रहती है | किन्तु उनकी मरम्मत का कार्य भी साथ-साथ चलता रहता हैं | अधिक परिश्रम करने से कोशिकाएँ घिस जाती हैं | अत: देह को विश्राम की आवश्यकता होती है | निद्रा की दशा में सब अंग शिथिल होते है इसलिए मरम्मत का कार्य ठीक प्रकार से हो सकता है | देह निर्माण के लिए निद्रा और भी आवश्यक है | अत: बच्चों को अधिक विश्राम की आवश्यकता होती है | उनके देह की बढ़ोतरी तथा निर्माण दोनों कार्य करने होतें है | छोटे बच्चे १८ से २० घंटे तक सोते है, ४ वर्ष से ८ वर्ष के बच्चे लगभग १२ घंटे सोते है, फिर धीरे-धीरे देह बढ़ने की गति कम होती जाती है | और एक बड़े बादमी के लिए ७ घंटे की नींद पर्याप्त होती है |
व्यायाम और निद्रा से पूरा विश्राम पाने की यह आवश्यक है :
व्यायाम करते समय नियमों का पालन करना चाहिए | देह में स्फूर्ति पैदा करती है | देह की बढ़ोतरी में सहायता प्रदान करती हैं | फेफड़ों में पूरी तरह शुध्ध वायु पहुचाती तथा रक्त को शुध्ध करती हैं | देह का मैल पसीने द्वारा बाहर निकालती है | और पाचन क्रिया की सहायता करती हैं |
पहले तो हम विश्राम एवं निद्रा यह हमारे शरीर का उत्तम स्वास्थय है | हमारी देह सोते-जागते, हर समय काम करती रहती है जिससे देह की कोशिकाएँ घिसती रहती है | किन्तु उनकी मरम्मत का कार्य भी साथ-साथ चलता रहता हैं | अधिक परिश्रम करने से कोशिकाएँ घिस जाती हैं | अत: देह को विश्राम की आवश्यकता होती है | निद्रा की दशा में सब अंग शिथिल होते है इसलिए मरम्मत का कार्य ठीक प्रकार से हो सकता है | देह निर्माण के लिए निद्रा और भी आवश्यक है | अत: बच्चों को अधिक विश्राम की आवश्यकता होती है | उनके देह की बढ़ोतरी तथा निर्माण दोनों कार्य करने होतें है | छोटे बच्चे १८ से २० घंटे तक सोते है, ४ वर्ष से ८ वर्ष के बच्चे लगभग १२ घंटे सोते है, फिर धीरे-धीरे देह बढ़ने की गति कम होती जाती है | और एक बड़े बादमी के लिए ७ घंटे की नींद पर्याप्त होती है |
व्यायाम करते समय नियमों का पालन करना चाहिए | देह में स्फूर्ति पैदा करती है | देह की बढ़ोतरी में सहायता प्रदान करती हैं | फेफड़ों में पूरी तरह शुध्ध वायु पहुचाती तथा रक्त को शुध्ध करती हैं | देह का मैल पसीने द्वारा बाहर निकालती है | और पाचन क्रिया की सहायता करती हैं |
- व्यायाम में देह के सभी अंग क्रियाशील हों | व्यायाम नियमित करना चाहिए | व्यायाम खुली हवा में करना चाहिए | व्यायाम सरल से आरंभ होकर कठिन की और जाना चाहिए तथा इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए |
- अस्वस्थ व्यक्तियों को व्यायाम चिकित्सक के आदेशानुसार ही करना चाहिए | व्यायाम से पहले तथा एकदम बाद आहार नहीं ग्रहण करना चाहिए | जहाँ व्यायाम का स्वास्थ्य से धनिष्ठ संबंध है वहाँ निद्रा तथा विश्राम भी उतने ही आवश्यक हैं |
- निद्रा ठीक मात्रा में ली जाए | अधिक सोने से आलस्य बढ़ता है | निद्रा की कमी से थकन दूर नहीं हो पाती है | साफ़ बिस्तर पर सोने से नींद अच्छी आती है | सोने से पहले हाथ-पाँव धोने तथा साफ़ करने चाहिए |
- रात को सोते समय कपडे ढीले, साफ़ और नरम होने चाहिए | सोते समय सदा कमरे की खिड़की खुली रहनी चाहिए | मुँह ढककर कभी नहीं सोना चाहिए;अन्यथा देह को साफ़ हवा प्राप्त नहीं होगी |
- सोते समय देह की अवस्था ठीक होनी चाहिए अर्थात् टेढ़ी दशा में या टाँगें सिकोड़ कर सोने से पूरा विश्राम नहीं मिलता है |
